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धान नहीं बिकने पर आत्महत्या करते किसानों की गुनेहगार भाजपा सरकार है -तारेंद्र चंद्राकर, प्रदेश अध्यक्ष (किसान विंग), आप

 

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रायपुर, 7 फरवरी 2026। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में किसानों की अनदेखी पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू की और अब धान खरीदी 6 फरवरी को बंद कर दी है जो कि धान खरीदी के लिए कम समय सीमा रही क्योंकि अभी भी प्रदेश में लाखों किसानों का धान खरीदा नहीं गया है। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश स्तर पर इसका विरोध किया और सरकार ने पहले 5 फरवरी,फिर 6 फरवरी तक धान खरीदने की है यह उन किसानों के साथ अन्याय है जिन्होंने कर्ज लिया है और जिनका धान अभी तक नहीं सरकार ले पायी है। किसानों की मांगों को लेकर और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा 10 फरवरी को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (किसान विंग) तारेंद्र चंद्राकर ने कहा कि धान का पैसा निकालने के लिए को ऑपरेटिव बैंक में किसान सुबह 6 बजे से कड़ी धूप में शाम रात तक संघर्ष करना पड़ रहा है और एक बार में बैंक द्वारा सिर्फ 25 हजार रूपये ही दिये जा रहें हैं। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी समय सीमा में सरकार ने साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों का जबरदस्ती रकबा समर्पण करवाया। धान खरीदी केंद्र की प्रतिदिन लिमिट को सरकार ने इस बार कम कर दिया था जिससे किसान सिर्फ लाइन लगाकर अपना इंतजार करते परेशान ही दिखे। टोकन काटने से पहले पटवारी आरआई और तहसीलदार किसानों को घर में जाकर भौतिक सत्यापन कर धान चेक करते रहे, सरकार की नज़र में क्या किसान चोर हैं? दरअसल सरकार की धान खरीदने की मंशा ही नहीं है इसके लिए अनेक बहाने बनाये गये।

प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका से नई ट्रेड डील में अमेरिका के कृषि उत्पादों पर भारत सरकार ने 0% टैरिफ लगाया है जबकि अमेरिका ने भारत पर 18% टेरिफ़ लगाया है, अमेरिका का कृषि उत्पाद और डेयरी उत्पादन भारत में सस्ते दामों में मिलेगा,जिससे आने वाले समय में भारत की पूरी कृषि व्यवस्था और अन्नदाता किसान बर्बाद हो जाएंगे। निश्चित ही यह किसान विरोधी ट्रेड डील है!

प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि अभी भी छत्तीसगढ़ में लगभग 3 लाख किसान धान बेचने से वंचित रह गये हैं ऐसे में जिन किसानों ने कर्ज लिया है उसे वह कैसे चुकायेगा और यदि किसान आत्महत्या करता है तो उसका जिम्मेदार सिर्फ यह भाजपा सरकार होगी। किसानो की हित की बात करने वाली सरकार इस साल धान खरीदी में पूरी तरह फेल हो चुकी है।

रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने कहा कि भाजपा सरकार ने जो किसानों के जबरदस्ती रकबा समर्पण करवाया उसके लिए सरकार किसानों से माफ़ी मांगे। सभी किसानों को समुचित टोकन व्यवस्था करे और संभव ना तो सहकारी समिति के जरिये डायरेक्ट धान खरीदी की जाये और 6 फरवरी धान खरीदने की समय सीमा जो खत्म हो गयी है उसे 28 फरवरी तक किया जाये ताकि प्रदेश का अन्नदाता किसान अपना एक एक दाना बेंच सके।

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