प्रमुख खबरेंराष्ट्रीय

जम्मू अमर महल परिसर में तवी फेस्टिवल, हाथ से तैयार आरी वर्क साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र, जानिए क्या है खास

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

जम्मू। अमर महल परिसर में आयोजित तवी फेस्टिवल में इस बार एक खास साड़ी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पूरी तरह हाथ से तैयार की गई यह आरी वर्क साड़ी अपनी बारीक कारीगरी और खूबसूरत डिजाइन के कारण हर किसी का ध्यान खींच रही है। इस साड़ी की कीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है और इसे तैयार करने में लगभग एक वर्ष का समय लगा है।

इस साड़ी को तैयार करने वाली रीतू गुप्ता ने बताया कि साड़ी पर किया गया आरी वर्क पूरी तरह हाथ से किया गया है, जिसमें महीन धागों और पारंपरिक डिजाइनों का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह की कारीगरी में बेहद धैर्य, कौशल और समय की आवश्यकता होती है। साड़ी के हर हिस्से पर बारीकी से काम किया गया है, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है।

साड़ी को देखने बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग

तवी फेस्टिवल में लगे हस्तशिल्प स्टाल पर प्रदर्शित इस साड़ी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कई लोग इसकी कारीगरी की सराहना करते हुए रीतू गुप्ता की मेहनत की प्रशंसा कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के हस्तनिर्मित उत्पाद स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करते हैं।

रीतु गुप्ता के अनुसार, आरी वर्क की यह साड़ी पारंपरिक हस्तकला का बेहतरीन उदाहरण है। मशीन से बनने वाले कपड़ों के दौर में हाथ से बनी ऐसी कलाकृतियां न सिर्फ अनोखी होती हैं बल्कि कलाकार के समर्पण और मेहनत को भी दर्शाती  हैं।

तवी फेस्टिवल में इस साड़ी की प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक हस्तशिल्प की ओर आकर्षित करना और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। इस अनोखी साड़ी को देखने के बाद लोग इसे जम्मू की पारंपरिक कला का शानदार नमूना बता रहे हैं।

डोगरी कामिक्स को लेकर बच्चों में रहा खासा उत्साह

अमर महल में आयोजित तवी फेस्टिवल में डोगरी संस्था जम्मू की ओर से लगाए गए पुस्तकों के स्टाल में पुस्तक प्रेमियों की अच्छी खासी भीड़ रही।इस स्टाल में डोगरी की कई ऐसी पुस्तकें मिली, जिन्हें पुस्तक प्रेमी लंबे समय से तलाश रहे थे।
इस स्टाल की खास बात यह रही कि बच्चों को भी यहां पर अपनी पसंदीदा पुस्तकें मिल रही थीं।

बच्चों ने इस स्टाल से अमर चित्रकथा की डोगरी कामिक्स की जमकर खरीदारी की।इसके अलावा दीनू भाई पंत दा कविता साहित्य, डाेगरी गीत संकलन, ललित मगोत्रा की जिद्दी चेते, डोगरी निबंध, वेद राही एक पत्रकार की आत्मकथा, डोगरी लेखक शैली आदि पुस्तकों भी स्टाल में खूब बिक्री हुई। इसके अलावा राज राही की नमें टन्नल पुस्तक में भी पाठकों की दिलचस्पी देखने को मिली।

युवा पाठक भी पुस्तकें लेने के लिए आ रहे

इस पुस्तक के लिए राज राही को वर्ष 2021 में साहित्य अकादमी अवार्ड भी मिल चुका है। इस स्टाल पर मौजूद पवन वर्मा ने बताया कि डोगरी को लेकर लोगों में दिलचस्पी बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिन भर उनके पास युवा पाठक भी पुस्तकें लेने के लिए आ रहे हैं।

वे डोगरी लेखकों बारे भी जानकारी रखते हैं। इससे पता चलता है कि डोगरी का भविष्य बेहतर होने वाला है। इस फेस्टिवल में डा. करण सिंह की किताबों का भी अलग से स्टाल लगाया गया, जिसमें उनकी पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया था।

Related Articles

Back to top button