जबलपुर में व्यवस्था में जहर घोल रही अमृत योजना में लापरवाही, सड़क धंसकने के बाद घंटों लग रहा जाम

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
जबलपुर। अमृत योजना 2.0 के तहत हर घर नर्मदा जल पहुंचाने के कराए जा रहे कार्य में ठेकेदार और नगर निगम की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। पाइपलाइन बिछाने के कार्य में जहां सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया जा रहा है, वहीं पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़क को रेस्टोशन यानि दुरुस्त करने के कार्य में भी हद दर्जें की लापरवाही की जा रही है।

कटंगा से गौरीघाट मार्ग पर जिन स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क का डामरीकरण किया गया, वहां गत दिनों हुई जरा सी बारिश से सड़क धंस गई और फिर टूटकर बिखर गई। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। इसी तरह अन्य स्थानों पर भी रेस्टोरशन कार्य प्रभावित हुआ है।
ठेकेदार की इस लापरवाही पूर्ण कार्य करने की नगर निगम भी निगरानी नहीं कर रहा है। इस तरह के घटिया कार्य से नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है। वहीं नगर निगम का जल विभाग जल्द ही ठेकेदार के माध्यम से सड़कों को दुरुस्त कराने की बात कर रहा है।
बिखरी सड़क, लग रहा जाम
गौरीघाट रोड पर बिग बाजार के पास खोदी गई सड़क में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क का रेस्टोरेशन कराया गया। परंतु रेस्टोरेशन कार्य में गुणवत्ता में कमी के कारण गत दिवस हुई वर्षा के कारण डामर सहित सड़क धंस गई और डामर बिखर गया। सड़क सकरी होने से शनिवार को यहां सुबह से रात तक जाम के हालात बने रहे। मां नर्मदा के दर्शन करने वाले श्रद्धालु भी नगर निगम के इस कार्यप्रणाली को कोसते रहे। इसी तरह कटंगा की तरफ भी रेस्टोरेशन के बाद सड़क धंस गई।
कांचघर रोड कीचड़ से सनी
इसी तरह रेलवे कॉलोनी बजरंग नगर से कांचघर चौक की तरफ भी अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। जिसके कारण सड़क खोदी जा रही है। जहां पाइपलाइप लाइन बिछा दी गई वहां अब तक रेस्टोरशन कार्य नहीं कराया गया। सामान्य मौसम में इस मार्ग पर धूल के गुबार उड़ रही वहीं गत दिनों हुई बारिश के बाद ये रोड कीचड़ तब्दील हो गई है। कई वाहन सवार फिसलकर गिर रहे हैं।
गौरीघाट ललपुर से रांझी तक बिछाई जा रही पाइपलाइन
विदित हो कि अमृत योजना 2.0 के तहत गौरीघाट के ललपुर से रांझी तक राइजिंग मेनलाइन बिछाई जा रही है। करीब 20 किमी तक बिछाई जाने वाली पाइपलाइन के लिए सड़कों की खोदाई की जा रही है। योजना का उद्देश्य शहर के एक लाख से अधिक घरों तक नर्मदा जल पहुंचाना है।



