महासमुंद में महानदी तट पर अवैध खनन से बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

महासमुंद। जिले के ग्राम पंचायत घोडारी में महानदी के तट पर कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो आगामी बरसात के मौसम में पूरा गांव भीषण बाढ़ की चपेट में आ सकता है।



शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम के सरपंच सुधीर बंजारे तथा उनके कथित सहयोगियों द्वारा बालू, मिट्टी और पत्थरों का अवैध रूप से खनन कराया जा रहा है। इससे महानदी के तट का प्राकृतिक ढांचा लगातार कमजोर हो रहा है और नदी के प्रवाह क्षेत्र में अवरोध उत्पन्न हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी तट के क्षतिग्रस्त होने से जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कटाव और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इससे न केवल गांव की आबादी की जान-माल पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए, संबंधित विभागों द्वारा स्थल का निरीक्षण कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा और रोकथाम के ठोस उपाय किए जाएं।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी तेजी से संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है, क्योंकि महानदी के तट पर जारी यह गतिविधि पूरे क्षेत्र के लिए बड़े खतरे का संकेत बनती जा रही है।



