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छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 को मंजूरी, बिना गारंटी लोन और 75% ब्याज अनुदान, उद्यमियों की चमकेगी किस्मत

 

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रायपुर। छत्तीसगढ़ नवाचार और स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025–30 को मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत नए स्टार्टअप पर लोन का 75 प्रतिशत ब्याज और बिना गारंटी ऋण मिलेगा। यदि कोई स्टार्टअप शुरू करता है तो वह जो भी बैंक से लोन लेगा, उसके ब्याज की 75 प्रतिशत राशि पांच साल तक सरकार देगी। इसके अलावा नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी।

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए यात्रा, पंजीयन और स्टाल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान सहित अन्य प्रोत्साहनों की व्यवस्था की गई है। राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज इनोवेशन व स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन के लिए पांच लाख रुपये प्रति वर्ष तक सहायता दी जाएगी।

स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय

राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक डीपीआईआईटी पंजीकृत नए स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया है। नीति के तहत वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी व बौद्धिक संपदा से जुड़ा सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति व जनजाति, दिव्यांग, सेवानिवृत्त सैनिक, माओवादी हिंसा प्रभावित लोग और पब्लिक वेलफेयर व सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप के लिए भी विशेष प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं।

उद्योग विभाग की ओर से बीते एक वर्ष से इस नई नीति पर काम किया जा रहा था। इससे पहले वर्ष 2017 में रमन सरकार ने नवाचार उद्यमिता विकास नीति 2015–2019 लागू की थी, जो अक्टूबर 2019 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नई नीति नहीं बन पाई और प्रदेश में बिना किसी नीति के ही स्टार्टअप संचालित होते रहे।

इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

राज्य में हब एंड स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के जरिए नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार और उद्यमिता के लिए अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

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