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24 फरवरी को बजट पेश होगा: कवासी लखमा होंगे शामिल, क्षेत्रीय मुद्दे उठा सकेंगे, भाषण पर रोक

 

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से आरंभ होने जा रहा है। इस सत्र में पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को सशर्त रूप से शामिल होने की अनुमति दी गई है। अदालत की शर्तों के अनुसार, किसी भी नियम के उल्लंघन की स्थिति में उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।

23 फरवरी से सत्र की औपचारिक शुरुआत
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि बजट सत्र की शुरुआत 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री विधानसभा में बजट पेश करेंगे। वहीं 25 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सत्र के दौरान विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी प्रस्तुत किया जाएगा।

लखमा को शर्तों के साथ मिली अनुमति
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कवासी लखमा को सत्र में शामिल होने की अनुमति महाधिवक्ता छत्तीसगढ़ के अभिमत के आधार पर दी गई है। शर्तों के तहत लखमा को फिलहाल प्रदेश से बाहर रहना होगा और सत्र शुरू होने के एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश की अनुमति होगी। उन्हें अपने आगमन और प्रस्थान की पूरी जानकारी प्रशासन को देनी होगी और सक्रिय मोबाइल नंबर भी साझा करना अनिवार्य होगा।

भाषण देने पर रहेगा प्रतिबंध
स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के अनुसार कवासी लखमा विधानसभा में किसी प्रकार का भाषण नहीं दे सकेंगे। वे अपने खिलाफ चल रहे प्रकरण से जुड़े मुद्दों पर कोई वक्तव्य नहीं रख पाएंगे। हालांकि, उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विषयों और अन्य सामान्य मुद्दों पर प्रश्न उठाने की अनुमति रहेगी। साथ ही, उनकी उपस्थिति केवल उन्हीं दिनों मान्य होगी, जब विधानसभा सत्र संचालित होगा।

बजट सत्र पर सियासी नजरें
24 फरवरी को पेश होने वाले बजट और धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर राजनीतिक हलकों में पहले से ही हलचल तेज है। वहीं, सशर्त अनुमति के साथ कवासी लखमा की विधानसभा में मौजूदगी भी इस बजट सत्र के दौरान खास चर्चा का विषय बनी रहेगी

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