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बैतूल में हत्याकांड : छोटे बेटे को बचाने के लिए उस पर लेट गए थे मां-बाप, हत्यारे ने उन्हें भी मार डाला

 

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 बैतूल। कोतवाली थाना क्षेत्र के सावंगा गांव में 25 वर्षीय मानसिक रोगी युवक ने बुधवार-गुरुवार की रात माता-पिता और छोटे भाई की हत्या कर दी। उनको बचाने की कोशिश में पालतू बिल्ली भी मारी गई। उसने अपने भांजे को भी मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गया। अब भांजे ने उस रात की दिल दहला देने वाली दास्तान साझा की है।

हत्या के चश्मदीद पांच वर्षीय प्रशांत परते के पिता सुखचंद परते ने बताया कि उनका बेटा नाना-नानी के घर पर रहता था। प्रशांत के बताए अनुसार बुधवार की शाम नानी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान दीपक ने अपने छोटे भाई दिलीप को लोहे की सब्बल से मारना शुरू कर दिया। यह देखकर उसकी माता कमलती धुर्वे और पिता हंसू धुर्वे बचाने आए और दिलीप के ऊपर लेट गए।

चेहरे पर कई वार किए

आरोपी दीपक ने तीनों को उसी सब्बल से तब तक पीटना जारी रखा जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। दीपक ने भाई, माता-पिता को मारने के दौरान पांच वर्ष के भांजे प्रशांत परते के चेहरे पर पैर रख दिया था जिससे वह बेहोश हो गया। प्रशांत को मृत समझकर वह आगे बढ़ गया। पालतू बिल्ली उस पर उछली तो उसने उसी सब्बल से उसके चेहरे पर वार किए जिससे उसकी भी मौत हो गई।

कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया ने बताया कि आरोपित ने उसने हत्या करना तो स्वीकार किया है लेकिन हत्या क्यों की है इसका कोई कारण नहीं बता पा रहा है। मानसिक स्थिति खराब होने के वह अजीबोगरीब हरकतें भी कर रहा है। पुलिस ने गुरुवार को उसे जिला चिकित्सालय में रखा था। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां न्यायालय ने उसे ग्वालियर मानसिक आरोग्य शाला भेजने का आदेश दिया है।

एक साथ उठी तीन अर्थियां, रो पड़ा गांव

बेटे के हाथों मौत के घाट उतारे गए माता-पिता और भाई के शवों को अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम सामाजिक रीति रिवाज के साथ किया गया। घर के सामने से जब तीनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। परिवार के खेत में ही तीनों के शव दफना दिए गए।

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