Tuesday, December 6, 2022
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जिला शिक्षा अधिकारी ने झूठी खबर प्रकाशित करने के लिए पत्रकार को किया गुमराह करने की कोशिश??.. आखिर ये कैसी नैतिकता??…

मुख्यमंत्री की घोषणा के लगभग महीनों बीत जाने के बाद भी रायगढ़ जिले के सरकारी स्कूलों में शुरू तक नहीं हो सकी है छत्तीसगढ़ी पढ़ाई…!!

जिले के सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई के स्थिति का असल सच्चाई…. पढ़ें पूरी खबर…!!

कैलाश आचार्य

रायगढ़:- छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने शिक्षक दिवस के मौके पर एक बड़ा ऐलान किया था कि प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक दिन स्थानीय भाषा यानी छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई होगी! मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ी पढ़ाई कराए जाने की घोषणा को लगभग महीनों को आ गए मगर रायगढ़ जिले के किसी भी सरकारी स्कूलों में अभी तक छत्तीसगढ़ी पढ़ाई का संचालन शुरू भी नहीं हुआ है!

सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई की जमीनी सच्चाई पता करने के लिए कुछ शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के भी सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं उनके अभिभावक से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा तो पता है किंतु यहां पालन का अता पता नहीं, खबरों के माध्यम से स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई की जानकारी भी मिली थी किंतु महीने भर बीत जाने के बावजूद सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई जाने का पालन शुरू भी नहीं हुआ है! बच्चे और अभिभावकों को यह भी पता नहीं कि स्कूलों में बच्चों को छत्तीसगढ़ी पढ़ाने के लिए किस दिन का चयन किया गया है! वही जिले के कई सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्य से छत्तीसगढ़ी पढ़ाई के विषय में चर्चा करने पर बताया कि जिला शिक्षा विभाग द्वारा इस विषय पर अभी कोई दिशानिर्देश स्कूलों में नहीं आया है! हमारी टीम के सदस्य शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई की के पालन अवलोकन करने लगभग सप्ताह भर स्कूल स्कूल घूम रहे हैं किंतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा अनुरूप छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई शुरू तक नहीं हुआ है, रायगढ़ जिले के सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई होते हुए देखने के हमारे संवाददाता तरस गए!

कुछ स्कूलों के प्रधानाचार्य का कहना है कि जब ऐसा कोई आधिकारिक आदेश हमें प्राप्त ही नहीं हुआ है तो हम कैसे कुछ बता पाएंगे???…
हमारे द्वारा सप्ताह में किस दिन छत्तीसगढ़ी पढ़ाई कराना सुनिश्चित किया गया हैं पूछने पर विभागीय शिक्षक और प्रधान पाठक ने कहा की जब ऐसा कोई आधिकारिक आदेश हमें प्राप्त ही नहीं हुआ है तो हम कैसे कुछ बता पाएंगे, जो शासन के आदेश अनुसार विभागीय दिशा निर्देश प्राप्त होने के पर हमारे स्कूलों में भी निर्देशानुसार बच्चों को छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई करना शुरू कर देंगे! छत्तीसगढ़ी पढ़ाई की दिशा निर्देशों की जानकारी लेने के लिए हमने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किए किंतु 2 दिनों तक गोलमोल जवाब देकर भी आधिकारिक आदेश की कॉपी उपलब्ध नहीं कराया गया!!

आखिर DEO ने क्यों की गुमराह करने की कोशिश??…


जब हमने DEO आर. पी. आदित्य जिला शिक्षा अधिकारी के दूरभाष पर संपर्क कर सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई के संबंध खबर प्रकाशित करने के लिए जानकारी लेनी चाही तो DEO आर. पी. आदित्य ने कहा कि छाप दीजिए कि सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई का पालन किया जा रहा है! जबकि हमारी टीम के लोग पिछले 1 सप्ताह से उस पर को देखने को तरस रहे हैं जब छत्तीसगढ़ की स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई देखने को मिले! हमने जिला शिक्षा अधिकारी से बताया भी पिछले सप्ताह भर से नगर सहित ग्रामीण कस्बों में कोई सरकारी स्कूलों में घूमने के बावजूद कहीं भी नहीं देखी है! फिर हमने DEO आर.पी. आदित्य से पूछा कि अगर पालन हो रहा है तो सोमवार से शनिवार के बीच किस वार का चयन किया गया है??? तथा कौन-कौन सरकारी स्कूलों पर छत्तीसगढ़ी पढ़ाई की जा रही है, आप स्कूलों का नाम और दिन बताएं हम अवलोकन करना चाहते हैं! चूँकि उन्होंने पहले ही कह दिया था कि स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है जबकि जमीनी हकीकत नगण्य है! ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारी अपने झूठे वचनों को सही करने का प्रयास करते हुए असल सच्चाई बताई और कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई के संबंध में अभी रूपरेखा तैयार की जा रही है तथा शासन द्वारा छत्तीसगढ़ी पढ़ाई के संबंध में अभी तक जिले में किसी भी प्रकार का दिशानिर्देश नहीं प्राप्त हुआ है!!

जब दागे सवालों के गोले बंध गई DEO घिघ्घी, झूठे कथनों के डैमेज कंट्रोल करने के लिए अंततः बतानी पड़ी असल सच्चाई….


छत्तीसगढ़ की सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई के पालन का तहकीकात करते-करते जिला शिक्षा अधिकारी जैसे उच्च पदों में आसीन तथा सम्मानीय पेशे से जुड़े शासकीय उच्च अधिकारी द्वारा झूठी खबर प्रकाशित करने के पत्रकार को पहले गुमराह करने कोशिश की गई जिसे जानकर पूरा शिक्षा विभाग शर्मिंदा हो जाएगा??…आखिर ये कैसी नैतिकता??…पत्रकार ने जब दागे सवालों के गोले क्यों बंध गई DEO घिघ्घी…!! उन्होंने फोन काट दिया दोबारा फोन लगाने पर ना फोन रिसीव थी और ना ही कॉल बैक किया!! हमने पुनः उनके कार्यालय में जाकर संपर्क किया अपनी गलतियों का सुधार कर सही जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा हो चुकी है किंतु अभी तक किसी प्रकार का आदेश नहीं आया है और ना रूपरेखा तैयार हुई है! सोमवार से शनिवार के बीच किस दिन छत्तीसगढ़ी पढ़ाई होगी अभी इसका चयन भी नहीं हो पाया है! राज्य शासन के आदेशानुसार जिले की सरकारी स्कूलों में भी छत्तीसगढ़ी की पढ़ाई शुरू की जाएगी!!

बहरहाल अब यह देखना लाजमी होगा की घोषणा के बाद जमीनी स्तर पर स्कूलों में छत्तीसगढ़ी पढ़ाई का मूर्त रूप कब देखने को मिलेगा तथा झूठी खबर प्रकाशित करने के लिए लोकतंत्र के सिपाही को गुमराह करना कितना न्यायोचित है यह तो शासन प्रशासन और पाठकों के विवेक पर निर्भर करता है!!

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