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20 से ज्यादा किसानों को ब्याज पर रुपये देने वाले ने की किसानों के साथ धोखाधड़ी, बंधक रखे जमीन का बनाया फर्जी बिक्री बैनामा

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बिक्री बैनामा निरस्त करने किसान लगा चुके हैं शासन-प्रशासन से गुहार

रायपुर, 30/01/2023 : महासमुन्द जिला के ग्राम चरौदा निवासी खोजेन्द्र गिरी पिता अरिमर्दन गिरी गोस्वामी ब्याज पर रुपये देने का धंधा करता था जो किसानों को ब्याज में रुपये देकर उनके जमीन की
कागजात को अपने पास बंधक रख लेता था और बंधक पत्र के नाम पर किसानों से कुछ कागजात पर दस्तखत करवा लेता था। खोजेन्द्र गिरी गोस्वामी किसानों के बंधक रखे जमीन के कागजात को लेकर फर्जी
तरीके से बिक्री बैनामा बनाकर अपने नाम नामांतरण करवाने लगा जिसकी जानकारी बहुत बाद में किसानों को हुई जब धान बेचने के लिए पंजीयन में किसानों के जमीन का रकबा व खसरा नम्बर विलोपित हो गया।

मामले में अब तक 20 से ज्यादा किसान शिकायत लेकर आये हैं जिनकी लगभग 90 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा दिखाई दे रहा है।अभी भी किसानों का अपनी जमीन पर कब्जा है और किसान कास्तकारी कर रहे हैं लेकिन किसानों का जमीन खोजेन्द्र गिरी गोस्वामी के मृत्यु के बाद उनके पुत्रों खोवेन्द्र उर्फ राजन गिरी, संजय गिरी, डिकेश गिरी के नाम पर सीधे नामांतरण किया जा रहा है। ब्याज में लिए गए रुपये जमा करने का कुछ किसानों को खोजेन्द्र गिरी द्वारा कच्चे में रसीद दिया गया है तो कुछ किसानों को रसीद ही नहीं दिया गया। किसानों द्वारा मय ब्याज सहित रुपये जमा करने के बावजूद खोजेन्द्र गिरी ने किसानों को उनके बंधक रखे जमीन का कागजात वापस नहीं किया है।


पीड़ित किसानों ने महासमुन्द जिला में माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके भेंट मुलाकात कार्यक्रम में दिनांक 15/12/2022 को ज्ञापन देकर खोजेन्द्र गिरी गोस्वामी पिता अरिमर्दन गिरी गोस्वामी के नाम हुए किसानों के समस्त बिक्री बैनामा को निरस्त करने की मांग किया है, साथ ही खोजेन्द्र गिरी के वारिसों के नाम किये जा रहे नामांतरण को रद्द कर मूल किसानों के नाम दर्ज करने की मांग किया है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के पहले पीड़ित किसानों ने जिला कलेक्टर महासमुन्द, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महासमुन्द, तहसीलदार महासमुन्द, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व तहसीलदार बागबाहरा, तहसीलदार कोमाखान, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व तहसीलदार पिथौरा को पत्र देकर गुहार लगा चुके हैं। सुनवाई नहीं होने पर एक बार फिर पीड़ित किसानों ने डाक द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली, आयुक्त कार्यालय रायपुर, ईडी व इओडब्ल्यू कार्यालय दिल्ली, जिला पुलिस अधिक्षक महासमुन्द तथा महासमुन्द जिला अंतर्गत आने वाले थाना खल्लारी, कोमाखान, बुन्देली, पिथौरा को कार्यवाही हेतु पत्र दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य एवं केन्द्र सरकार तक शासन प्रशासान को गुहार लगाने के बावजूद आज तक सुनवाई नहीं हुआ है।

पत्रकार वार्ता में पीड़ित किसानों की ओर से अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही और पीड़ित किसानों गुलाब चन्द्राकर, फुलेश्वरी निषाद, चन्दन सिंह यादव, नरेश निराला, डिगेश चन्द्राकर कमल किशोर यादव आदि उपस्थित रहे ।

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20 दिसम्बर को कैट सी.जी. चैप्टर का व्हाट्सअप से व्यापार पर सेमीनार आयोजन


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रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे ने बताया कि 20 दिसम्बर मंगलवार को कैट सी.जी.चैप्टर का व्हाट्सअप से व्यापार पर सेमीनार का आयोजन दोपहर 3 बजे से चौधरी देवीलाल व्यापार उद्योग भवन, द्वितीय तल, न्यू बाम्बे मार्केट रायपुर में किया जा रहा है।

कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं कैट सी.जी. चैप्टर के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री परमानन्द जैन ने बताया कि 20 दिसम्बर मंगलवार को कैट सी.जी.चैप्टर का व्हाट्सअप से व्यापार पर सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। उपरोक्त सेमीनार में कैट के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रवीण खण्डेलवाल जी सहित व्हाट्सअप की प्रमुख तकनीकी टीम से सुश्री प्रियंका जैन जी (लीड-पेमेंट एण्ड़ फिनांशियल इंकलुशन, व्हाट्सअप पॉलिसी) एवं सुश्री नेहा बजाज जी (पब्लिक पॉलिसी मैनेजर, व्हाट्सअप पॉलिसी) उपस्थित रहेगीं। तकनीकी टीम द्वारा व्यापारियों को व्हाट्सअप से व्यापार को कैसे बढ़ाया जा सकता है। कि जानकारी दी जायेगी। साथ ही व्यापारियों को व्हाट्सअप से व्यापार संबधित सभी समस्याओं का तकनीकी टीम द्वारा तत्काल निराकरण किया जायेगा। जिससे कि व्यापारियों को व्हाट्सअप में माध्यम से व्यापार करने में आसानी होगी। कैट सी.जी. चैप्टर प्रदेश के सभी व्यापारियों से उपरोक्त सेमीनार का लाभ उठाने की अपील करती है।

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कैट 20 सितम्बर को आयोजित करेगा “भारत ई मार्ट” सेमीनार

रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा भारत ई मार्ट सेमीनार का आयोजन 20 सितम्बर को सुबह 11:30 बजे होटल आदित्य में किया जायेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रवीण खण्डेलवाल होगें एवं विशेष अतिथि कैट के राष्ट्रीय सचिव एवं संयोजक युवा विंग सुमीत अग्रवाल होगें।
कैट के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं कैट सी.जी. चैप्टर के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने बताया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के द्वारा छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए भारत ई मार्ट मे अपने व्यापार का नि:शुल्क ऑनलाइन व्यापार शुरू करने हेतु सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। उन्होनें आगे कहा कि सेमीनार में कैट दिल्ली की टीम द्वारा व्यापारियों को विस्तृत जानकारी दी जायेगी। कैट सी. जी. चैप्टर प्रदेश के सभी व्यापारियों से अनुरोध करती है कि उपरोक्त सेमीनार मे उपस्थित होकर भारत ई मार्ट मे अपने व्यापार का नि:शुल्क ऑनलाइन शुरू करने जानकारी का लाभ लेवें। भारत ई मार्ट मे अपने व्यापार का नि:शुल्क ऑनलाइन शुरू करना व्यापारियों के लिए एक स्वर्णीम अवसर है। इसका लाभ अवश्य उठायें।

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लीजेंड्स लीग टी20 में खेलने भारत आ रहे कश्मीर प्रीमियर लीग के खिलाड़ी और प्रवर्तक, प्रतिबंधित क्रिकेटरों के साथ लीग का समर्थन करते बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली

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नई दिल्ली: द लीजेंड्स लीग क्रिकेट टी20 का आयोजन जनवरी 2022 में ओमान में किया गया था जिसमें तीन टीमों – भारत, शेष एशिया और शेष विश्व ने भाग लिया था। लीग ने हाल ही में घोषणा की थी कि टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण छह भारतीय शहरों में आयोजित किया जाएगा। लीग ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को भी अपनी शीर्ष खरीद में से एक के रूप में घोषित किया। हालाँकि यह कुछ सवाल और चिंताएँ पैदा करता है!

क्या बीसीसीआई और भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ अपने क्रिकेट संबंधों को लेकर अपने रुख में बदलाव किया है। लीग में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों की एक लंबी सूची है जिसमें शोएब अख्तर, मिस्बाह-उल हक, शाहिद अफरीदी और कई अन्य शामिल हैं जिनमें एशिया और विश्व एकादश टीमें शामिल हैं। इसलिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि लीग पर भारत सरकार का रुख और यह इसे भारतीय धरती पर कैसे होने देता है जब राष्ट्र ने पड़ोसी देश के साथ सभी क्रिकेट संबंधों को तोड़ दिया है जब तक कि वे बड़े पैमाने पर विनाश करने के लिए आतंकवादियों का समर्थन और वित्त पोषण करना बंद नहीं करते हैं। भारतीय धरती पर। यह एक कारण है कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भाग लेने की अनुमति नहीं है।

यह भी ध्यान रखना दिलचस्प है कि सभी पाकिस्तान क्रिकेटर, पूर्व और वर्तमान दोनों, जिनमें से कई लीग में खेल रहे हैं, कश्मीर प्रीमियर लीग (केपीएल) के मजबूत अधिवक्ता और प्रमोटर हैं। भारत सरकार और बीसीसीआई ने कश्मीर प्रीमियर लीग (केपीएल) के आयोजन पर कड़ी आपत्ति और निंदा की है और केपीएल में खेलने वाले सभी क्रिकेटरों को भारत में किसी भी प्रकार का क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया है।

इसके अलावा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का लीग में अहम खिलाड़ी बनना भी बीसीसीआई के मुंह पर एक बड़ा तमाचा है। सौरव गांगुली का लीग का समर्थन लीग के संबंध में मिश्रित संकेत भेज रहा है और बीसीसीआई सचिव श्री जय शाह, जो कि भारतीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के बेटे भी हैं, को कदम उठाना चाहिए और इस लीग को भारत में होने से रोकना चाहिए।

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