अगले पांच साल में प्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए कई करोड़ों रुपये के प्रावधान किए गए

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भोपाल। मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम और वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा छठवीं बार बजट प्रस्तुत किया। वित्तमंत्री ने विधानसभा में 438317 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने 106156 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजीगत व्यय बताया। 44.42 करोड़ रुपये राजस्व आधिक्य। राज्य स्वयं के करों से 117667 करोड़ रुपए जुटाएगा। केंद्रीय करों के हिस्से में प्रदेश को 112137 करोड रुपए मिलेंगे। इसके साथ ही केंद्रीय सहायता अनुदान 54505 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे।

वित्तमंत्री ने कहा कि यह बजट पीएम के सपने को साकार करने वाला है। उन्होंने बजट भाषण की शुरुआत में ही कहा कि एमपी का बजट किसानों को समर्पित है। मध्य प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और न ही वर्तमान में किसी टैक्स में कोई बढ़ोतरी की गई है।
पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया
एमपी में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है। बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। मध्य प्रदेश विकसित भारत बनाने में अपना योगदान दे रहा है। मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- हर युवा को रोजगार और हर उपज को दाम उपलब्ध कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है। वित्तमंत्री का भाषण शुरू होने से पहले ओमकार सिंह मरकाम ने विरोध भी जताया।
शिक्षा के लिए 31953 करोड़ रुपए का प्रावधान
106156 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए हैं। कृषि क्षेत्र के लिए 115013 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 24144 शिक्षा के लिए 31953 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर पौधारोपण के लिए समृद्धि वन वन वृद्धि से जन समृद्धि कृषि विभाग की योजना।
उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान
द्वारिका योजना के अंतर्गत आगामी 5 वर्ष में शहरी अधोसंरचना विकास पर किए जाएंगे। उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इंदौर पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर परियोजना के विकास के लिए 2360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर में 350 करोड़ की लागत में फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे।



