श्योपुर में ये कैसा गणतंत्र दिवस… आदिवासी बच्चों से झाड़ू लगवाई फिर बनवाई चाय, वीडियो वायरल

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श्योपुर। गणतंत्र दिवस की सुबह पूरे देश में तिरंगा फहराने की तैयारी थी। उसी वक्त जिले के कराहल स्थित अंग्रेजी आदिवासी बालक आश्रम से एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इंटरनेट पर प्रसारित वीडियो में आश्रम के आदिवासी बच्चे झाड़ू-पोछा लगाते, बर्तन धोते, पानी भरते और खुद चाय-नाश्ता बनाते नजर आ रहे हैं।

वीडियो 26 जनवरी की सुबह का बताया जा रहा है। इसमें बच्चों की आवाज साफ सुनाई दे रही है, जिसमें कहा जा रहा है, अभी तो काम से फ्री नहीं हुए, 26 जनवरी का कार्यक्रम कैसे होगा
जानकारी के मुताबिक अंग्रेजी आदिवासी बालक आश्रम में तैनात रसोईया, चौकीदार, सफाईकर्मी और यहां तक कि आश्रम अधीक्षक भी 26 जनवरी की सुबह मौजूद नहीं थे। ऐसे में सुबह की पूरी जिम्मेदारी बच्चों पर ही आ गई। बच्चों ने ही आश्रम की सफाई की, झाड़ू-पोछा लगाया, पानी भरा और चाय-नाश्ता तैयार किया। इसके बाद उन्हें गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी करनी थी। वीडियो में दिख रहा है कि छोटे-छोटे बच्चे कामकाज में जुटे हुए हैं और किसी भी जिम्मेदार कर्मचारी की मौजूदगी नजर नहीं आती।
पहले हटाया, फिर वापस बैठाया अधीक्षक
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब सामने आया कि अंग्रेजी आदिवासी बालक आश्रम के अधीक्षक राजू सेमरिया को 31 दिसंबर को पद से हटा दिया गया था। जनजाति विभाग द्वारा आदेश जारी कर उन्हें हटाया गया था, लेकिन सिर्फ 15 दिन बाद ही उन्हें फिर से उसी पद पर यथावत कर दिया गया।
अब सवाल उठ रहा है कि जब अधीक्षक को हटाया गया था, तो इतनी जल्दी वापस क्यों बैठा दिया गया? अगर अधीक्षक पद पर थे, तो 26 जनवरी की सुबह आश्रम में मौजूद क्यों नहीं थे?
जांच के आदेश, रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई होगी
मामले को गंभीरता से लेते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर राकेश कुमार गुप्ता ने जांच के आदेश दिए हैं। गुप्ता का कहना है कि गुरुवार तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



